सुजॉय घोष की अहिल्या

कम समय और शब्दों में अपनी बात रखना मुश्‍किल काम है. फिल्मों के मामले में यह मुश्‍किल और बढ़ जाती है, लेकिन सुजॉय घोष जैसे रचनात्मक फिल्मकार इस काम को आसानी से कर लेते हैं.


14 मिनट की अपनी ताजा फिल्म 'अहिल्या' में उन्होंने रामायण से जुड़ी एक पौराणिक कथा को जादू के साथ पिरोया है. पुतले में जान फूंकने या किसी को पुतला या पत्‍थर बनाने की तमाम कथाएं हमने सुनी हैं. रामायण में गौतम ‌ऋषि की पत्नी अहिल्या का इंद्र द्वारा छलपूर्वक शीलहरण की सजा उन्हें पत्‍थर बनकर भुगतनी पड़ती है. बाद में राम अहिल्या का उद्धार करते हैं.


सुजॉय ने इसी कथा को आधुनिक संदर्भों में अपनी छोटी सी थ्रिलर फिल्म में दर्शकों के सामने रखा है. सौमित्र चटर्जी (गौतम), राधिका आप्टे (अहिल्या) और तोता रॉय चौधरी (इंद्र) के अभिनय से सजी यह फिल्म 'मस्ट वॉच' की श्रेणी में आती है.


https://youtu.be/Ff82XtV78xo

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

असली मस्तराम की तलाश

हैप्पी फीट: मछली की तरह तैरने वाला पक्षी पेंग्विन