अनुष्का की हीरोइक छवि पेश करती एनएच 10
फिल्म ‘एनएच 10’ जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे ही अपनी पकड़ मजबूत करती जाती है. शुरू में फिल्म में घटी कई घटनाओं से सहमत होना मुश्किल होता है, लेकिन मीरा के रूप में अनुष्का शर्मा का किरदार जिस मजबूती के साथ उभरता है, वह दिलोदिमाग पर गहरा असर छोड़ जाता है. हरियाणा के गांव में रात के समय एक घर के चबूतरे पर बैठकर उनका सिगरेट सुलगाकर सुट्टा लगाते हुए खलनायक को घूरना, तमाम अभिनेताओं के अभिनय पर भारी पड़ता है.
उनकी यह हीरोइक (वीरतापूर्ण) छवि फिल्म ‘एक हसीना थी’ की उर्मिला मातोंडकर की याद दिला जाती है. वहीं ‘मनोरमाः सिक्स फीट अंडर’ बनाने वाले नवदीप सिंह वह जादू दोहराने में पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाए हैं. कुछ निर्देशकीय कमियों को छोड़ दिया जाए तो यह फिल्म इसके ‘हीरो’ अनुष्का के अलावा खलनायक दर्शन कुमार (मैरीकॉम फेम) के अभिनय के लिए जरूर देखी जानी चाहिए. बतौर निर्माता अनुष्का को उनकी पहली फिल्म के लिए बधाई.
उनकी यह हीरोइक (वीरतापूर्ण) छवि फिल्म ‘एक हसीना थी’ की उर्मिला मातोंडकर की याद दिला जाती है. वहीं ‘मनोरमाः सिक्स फीट अंडर’ बनाने वाले नवदीप सिंह वह जादू दोहराने में पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाए हैं. कुछ निर्देशकीय कमियों को छोड़ दिया जाए तो यह फिल्म इसके ‘हीरो’ अनुष्का के अलावा खलनायक दर्शन कुमार (मैरीकॉम फेम) के अभिनय के लिए जरूर देखी जानी चाहिए. बतौर निर्माता अनुष्का को उनकी पहली फिल्म के लिए बधाई.

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