वाया ऑरकुट एक बहुत पुरानी याद को साझा कर रहा हूँ। तस्वीर जरा धुंधली सी है, मगर याद एकदम साफ़ है। इसमें दिखने वाले चेहरे इसके बारे अपनी-अपनी बात अब खुद ही साझा करें तो पुराने दिन ताजा हो जायेंगे। बाबा के साथ ऐसे सेमीनार कॉलेज के दिनों में अक्सर होते रहते थे, जिनमे सम्बंधित विषय विशेषज्ञों से मिलना और घूमना फिरना भी साथ-साथ हो जाता था। भोपाल से निकलने वाली पत्रिका नेशनल स्पोर्ट्स टाइम्स की ओर से आयोजित इस सेमीनार का यह चित्र उस बैच के मौजूदा छात्रों से गुलजार है।
साभार: दीपक गौतम 'आवारा'

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