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असली मस्तराम की तलाश
भारत के उत्तरी क्षेत्र के मशहूर पोर्न लेखक की काल्पनिक जीवनी पर आधारित अपनी फिल्म 'मस्तराम' की रिलीज का इंतजार कर रहे निर्माता सुनील बोहरा असली मस्तराम की तलाश कर रहे हैं। 'मस्तराम' फिल्म नौ मई को रिलीज हो रही है, लेकिन फिल्म की शुरुआत से ही बोहरा और उनकी टीम को यह सवाल परेशान कर रहा है कि 'असली मस्तराम कहां हैं?' पूरे उत्तर भारत में लोग 'मस्तराम' की किताबें खरीदते हैं, लेकिन लेखक के बारे में बमुश्किल ही कोई कुछ जानता है। बोहरा को यकीन था कि समय के साथ वह 'मस्तराम' तक पहुंच जाएंगे। उनका मानना है कि असली लेखक के बिना फिल्म अधूरी है। बोहरा ने कहा, 'अगर मस्तराम ने कभी कोई किताब नहीं लिखी, तो हम यह फिल्म कैसे बनाते।' बोहरा फिल्म से मिलने वाले लाभ का कुछ हिस्सा मस्तराम को देना चाहते थे। बोहरा ने एक बयान में कहा, 'अगर असली मस्तराम या उनके लेखन का प्रकाशन करने वाला कोई प्रकाशक उनके परिवार या आश्रितों के बारे में जानता है, तो कृपया हमसे संपर्क करें, क्योंकि वह सुर्खियों और पारिश्रमिक के हकदार हैं।" बोहरा बद्रर्स के बैनर तले...
हैप्पी फीट: मछली की तरह तैरने वाला पक्षी पेंग्विन
हॉलीवुड की एनिमेशन फिल्म 'हैप्पी फीट" देखने से पहले मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी पेंग्विन पक्षी प्रजाति से आते हैं। इससे पहले मुझे यही लगता था कि ये मछली की तरह कोई समुद्री जीव होते होंगे। दरअसल ये उड़ने में असमर्थ पक्षी होते हैं। शायद यही वजह है कि ये बहुत अच्छे तैराक होते हैं और दक्षिणी गोलार्द्ध विशेषकर अंटार्कटिका में पाए जाते हैं। इनके पंख हाथ बन गए हैं। ये उभयचर प्राणी अपना आधा जीवन जमीन और आधा समंदर में बिताते हैं। पेंग्विन की सबसे बड़ी प्रजाति एम्पेरर पेंग्विन की होती है। इसी प्रजाति पर आधारित फिल्म है 'हैप्पी फीट'। ये फिल्म एक ऐसे नर पेंग्विन मम्बल की कहानी है जो दूसरे पेंग्विन से हर मामले में अलग होता है। साल 2006 में आई फिल्म में एक प्रेम कहानी के साथ पुरानी और नई पीढ़ी का द्वंद्व दिखाया गया है। इसके अलावा इंसानों से जानवरों को होने वाले खतरे को भी दिखाने की कोशिश की गई है। केंद्रीय भूमिका में मम्बल एक ऐसा पेंग्विन है, जो एक अच्छा गायक नहीं है। फिल्म में दिखाया गया है कि वह बहुत बेसुरा है जब भी वह गाता है तो लोग नाराज हो जाते हैं। इसे लेकर उसके उस...

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