आरएसएस के बारे में नहीं है 'द वर्ल्ड बीफोर हर' : अनुराग
एक डॉक्यूमेंट्री इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। चर्चा इसके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आधारित होने की है। जानकारी के अनुसार फिल्म इस संगठन के कार्यों पर कटाक्ष करती है। इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म के बचाव में उतरे हैं फिल्मकार अनुराग कश्यप। निशा पाहुजा के निर्देशन में बनी डॉक्यूमेंट्री 'द वर्ल्ड बीफोर हर' के प्रस्तुतकर्ता अनुराग कश्यप के अनुसार यह फिल्म आरएसएस के बारे में नहीं है। इसका इस संगठन से कोई लेना देना नहीं है।
वह बताते हैं कि 'द वर्ल्ड बीफोर हर' फिल्म दो किशोर लड़कियों की साधारण सी कहानी है। यह भारत में किशोरियों के लिए जटिल और परस्पर विरोधी वातावरण की व्याख्या करती है। ये दो लड़कियां दो अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों में हिस्सा लेती हैं। रूही सिंह मिस इंडिया बनने का सपना देखती है और प्राची त्रिवेदी दुर्गा वाहिनी से जुड़कर एक हिन्दू राष्ट्रवादी बनना चाहती है। दुर्गा वाहिनी उग्रवादी कट्टरपंथी आंदोलन की महिला शाखा है।
अनुराग ने जब इस फिल्म को देखा तो वह इसे पसंद करने से न बच सके। जब उन्होंने यह पाया कि इस डॉक्यूमेंट्री को कोई रिलीज नहीं करना चाहता तो उन्होंने इसका बीड़ा उठाया। अनुराग ने कहा, 'यह फिल्म आरएसएस के बारे में नहीं है। इसका उसे संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। यह दो लड़कियों के बारे में है जो अपनी कहानी कहना चाहती हैं। फिल्म बताती है कि वे कैसे सम्मान के साथ अपनी जिंदगी जीना चाहती हैं।" उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि इस फिल्म को एक बड़े दर्शक वर्ग की ओर से देखा जाना चाहिए। यह फिल्म बहुत कुछ कहती है, जो महत्वपूर्ण है इसलिए यह देशभर में रिलीज होने की हकदार है।
अनुराग को संघर्षरत फिल्मों का पोस्टर बॉय कहा जाता है। वह ऐसी फिल्मों को आगे ले आते हैं, ताकि वे रिलीज हो सकें। 'द वर्ल्ड बीफोर हर" डॉक्यूमेंट्री कई फिल्म समारोहों में सराही जाने के साथ तमाम पुरस्कार जीत चुकी है। इसके भारत में छह जून को रिलीज होने की संभावना है।




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