भूतनाथ के बाद मंजूनाथ
काफी दिन पहले मैंने किसी से सुना था कि आदमी तब तक ही ईमानदार होता है जब तक कि उसे बेईमानी करने का मौका नहीं मिलता। काफी समय तक मैं इस लाइन से सहमत भी था। मगर ये लाइन सब पर फिट नहीं बैठती है क्योंकि इस जहां में हमेशा मंजूनाथ जैसे लोग रहे हैं और आगे भी रहेंगे।
मंजूनाथ षणमुगम ने आईआईएम लखनऊ से एमबीए करने के बाद लखनऊ में ही इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में मार्केटिंग मैनेजर का पद संभाला थो। पद संभालने के साथ ही 27 साल के इस नौजवान ने पेट्रोल पंपों पर तेल में मिलावट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, जिसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
तेल में मिलावट के कारण उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के दो पेट्रोल पंपों को तीन महीने के लिए सील कर दिया था, लेकिन एक महीने बाद ही पेट्रोल पंप फिर से खुल गए। 19 नवंबर 2005 को उन्होंने दोनों पेट्रोल पंपों पर छापा मारने की योजना बनाई थी। उस रात लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ कस्बे में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
अप्रैल में आई 'भूतनाथ रिटर्न' फिल्म के बाद 'मंजूनाथ: इडियट था साला' फिल्म बनाकर बॉलीवुड ने सार्थक सिनेमा की ओर एक और ईमानदार पहल की है। संदीप ए. वर्मा के निर्देशन में बनी यह फिल्म 9 मई को रिलीज होने वाली है। सीमा बिस्वास, दिव्या दत्ता और यशपाल शर्मा मुख्य भूमिकाओं में हैं।

.png)


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें