बेचारे राहुल और नगमा से छेड़खानी


राहुल भइया कब सुधरोगे यार। तुम्हारे पास कुछ नया नहीं है। प्रियंका गांधी ने महिला जासूसी का मुद्दा उठाया तो तुम भी वही राग अलापने लगे। क्या कर रहे हो यार। पूरा नाम मिट्टी... आगे खुद समझ लेना और न समझ में आए तो किसी समझदार से समझ लेना।

और एक बात कहूं। तुम्हें तो महिला अत्याचार और सशक्तिकरण की बात करने का अधिकार ही नहीं है। तुम्हारे दल के लोग दिनदहाड़े नगमा को छेड़ रहे हैं। वह जहां जा रही हैं उन्हें वहां छेड़ा जा रहा है, लेकिन तुम्हें इतनी फुर्सत नहीं कि अपने लोगों को समझा सको।

और दलों में भी महिलाएं हैं। उनके साथ तो ऐसी घटनाएं नहीं हो रहीं हैं। फिर तुम्हारे दल और नगमा के साथ ही क्यों ऐसा हो रहा है। ये सोचने वाली बात है। इसलिए कम से कम तुम्हे तो महिलाओं के बारे में बात करने का कतई कोई अधिकार नहीं है। अब ये मत कहना के नगमा से छेड़खानी में दूसरे दलों का हाथ है।

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