नेताजी के चमत्कार...


दोस्तों, हमारे हमारे प्यारे, दुलारे, निराले, छिछोरे नेताजी के बारे में आप बहुत सारे तथ्यों से परिचित होंगे। इसमें कोई शक नहीं, मगर मैं आज जिस तथ्य से मैं आपको परिचित कराने जा रहा हूं वह आपके लिए निश्चित रूप से अद्भुत अनुभव होगा।

तथ्य ये हैं कि नेताजी ने अपने पूरे जीवनकाल में 'चमत्कार पे चमत्कार' किए हैं। वक्त को पूर्ण इस्तेमाल और घंटे का सही सदुपयोग कोई इनसे सीखे... सीखे इनसे।

बताना ये है कि नेताजी के नाम से एक और चमत्कार जुड़ गया है। वाराणसी में गुरुवार को मोदी के महामना की प्रतिमा का माल्यार्पण किए जाने के बाद प्रतिमा के धुले जाने पर नेताजी आगबबूला हो गए।

और आपको शायद पता नहीं होगा जब नेताजी को गुस्सा आता है तो कहीं पर ज्वालामुखी फटता है (चाचा चौधरी से साभार)। बस फिर क्या था। नेताजी की उंगलियां कम्प्यूटर के कीबोर्ड पर थिरकीं और उनसे निकलकर आईं कुछ लाइनें उनका फेसबुक स्टेटस बन गईं।

यह स्टेटस जंगल की आग की तरह फेसबुक पर वायरल हो गया। इतना वायरल... इतना वायरल... कि दैनिक जागरण अखबार को चुनाव से जुड़े अपने एक पेज पर 'कंम्प्यूटर अड्डा' कॉलम में इसे जगह देने के लिए (देखें चित्र: लाल घेरा) बाध्य होना पड़ा। इसकी तस्वीर मैं आप लोगों से साझा करने जा रहा हूं।

दोस्तों एक बात और करनी है। ये सब लिखना मेरे लिए कभी भी आसान नहीं रहा। ये स्टेटस आपसे शेयर करने के बाद नेताजी का मेरे पास फोन आएगा और मेरे ऊपर गालियों की बौछार की जाएगी। नेताजी मुझे जान-माल की धमकी भी दे चुके हैं। इसलिए मुझे कम से कम 'जेड' सिक्योरिटी तो चाहिए ही। फिलहाल तो मैं ये चाहता हूं कि सीनियर-जूनियर का भेद मिटाकर आप लोग मुझे सुरक्षा प्रदान करें और नेताजी को ये समझाएं कि 'दोस्ती ही इंसान का धन है।'
अब करबद्ध होकर सब प्रेम से बोलें...
धत बुड़बक... सब गुड़ गोबर कर दिया
अरे 'जय माता दी' नहीं बोलना था...
चलिए मेरे साथ दोहराइए...
प्रेम से बोलो
धीरज राय... हाय... हाय...
सब मिल बोलो...
धीरज राय... हाय... हाय...
नोट: पढ़ते वक्त चतुर रामलिंगम और पूजनीय नेताजी का स्मरण जरूर है तभी उचित फल प्राप्त होगा।

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