खेल होई गवा भइया... खेल होई गवा...


लल्लन पाड़े कहिन...
खेल होई गवा भइया... खेल होई गवा...
ऐ राहुल! ई तुमार जीज्जा जी का से का कराए दिए गुरु। तुम जउन तीर मोदी ओर छोड़ रहे हो ओका मोदी के काटे से पहिले तुमरे आदमी ही काट देय रहा है। ई का होई रहा है भइया... कुछ समझ नाही आय रहा है। ग्रह-नक्षतर त सही चल रहा है तुमार। देखअ एगो काम करअ इलाहाबाद चली जा और संगम में दुई-तीन डुबकी लगाई लअ। होई सकत है कि एहि से कुछ काम बन जाए तुमार। अ उहा न जाय पाव त बनारस मा गंगा मा डुबकी लगा के देखी ल। अरे ऊहे जगह जहां से मोदी चुनाव लड़ रहा है और केजरीवाल के लुटिया डूब रहा है। 

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