नेताजी ने बदला दल
चुनावी चक्रव्यूह की रचना होने के साथ दल-बदलुओं की चांदी हो गई है। इन दिनों दलबदलू एक दल से दूसरे दल में जाने के लिए उछलकूद मचाए हुए हैं। ऐसे में पत्रकारिता जगत से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही, जिसे मैं कल से अपने पेट में लिए घूम रहा हूं मगर अब और नहीं पचा सकता।
तो दोस्तों खबर का इंट्रो तो आपने पढ़ लिया। चलिए खबर के शरीर विन्यास की बात करते हैं। खबर ये है कि परम पूजनीय, आरदणीय, वंदनीय, अनुकरणीय, स्मरणीय, दयनीय, सोचनीय, निंदनीय, पत्रकारिता जगत के महा पराक्रमी, अति बलशाली और हमारे समय की महान प्रजातियों में से एक परम कृपालु, अत्यंत दयालु हमारे नेताजी उर्फ धीरज राय ने दल बदल दिया है।
ऐन चुनावी माहौल में 'बंसल न्यूज' को अलविदा कहते हुए उन्होंने दैनिक भास्कर डॉट कॉम का दामन थाम लिया है। हालांकि अभी यह सूचना नेताजी ने किसी को नहीं दी है, मगर नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मैं यह सूचना जनहित और पत्रकारिता हितों को ध्यान में रखते हुए आप तक पहुंचा रहा हूं।
तो मेहरबान-साहेबान आप लोग सोच रहे होंगे कि इस फोटो में हमारे नेताजी इतने स्मार्ट कैसे लग रहे हैं। दरअसल ये इस चश्मे का कमाल है। मगर एक बात का खुलासा और करता हूं कि ये चश्मा चोरी का है। दरअसल ये मेरा चश्मा है। इलाहाबाद प्रवास के दौरान कुछ विषम परिस्थियों में ये नेताजी के पास चला गया था, जिसे नेताजी ने आज तक नहीं लौटाया। इसलिए अब मैं इसे चोरी का ही मानता हूं।
तो दोस्तों अब बहुत हो गया। अब तत्काल प्रभाव से नेताजी को धन्यवाद देने का सिलसिला शुरू करें, मगर ये नारा जरूर लगा दीजिएगा, 'धीरज राय हाय-हाय'।

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