चिदंबरम तुम्हे शर्म नहीं आई...

इटली की एक महिला आती है और भारत के सबसे पुराने और राष्ट्रीय दलों में से एक दल की सर्वेसर्वा बनती है। विश्व की शक्तिशाली महिलाओं में उसका नाम शुमार होता है। वह एक हिन्दीभाषी से शादी करती और हिन्द देश में ही रच-बस जाती है। हिन्दी सीखती और अब हिन्दी में भाषण भी देती है। वहीं भारत में पैदा हुआ एक बड़ा नेता कई दशकों से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय है। बड़ा अर्थशास्त्री भी बनता है और वह कहता है कि हिन्दी आती तो मोदी के सामने वाराणसी से चुनाव लड़ता।


चिदंबरम तुम्हे यह सोचने और कहने से पहले शर्म नहीं आई...

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