'ग्रैविटी" की ऑस्कर विक्ट्री
86वां ऑस्कर अवार्ड मेरे लिए काफी खास रहा। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार ऑस्कर विजेता और इसके लिए नामांकित एक-दो फिल्में मुझे भी देखने को मिल गईं। इससे पहले जो भी फिल्में देखीं वह ऑस्कर पाने के कई साल बाद देखी।
सबसे पहले 'ग्रैविटी" की बात करूंगा। 700 मिलियन डॉलर में बनी इस 3डी साइंस फिक्शन थ्रिलर मूवी को इस बार 7 ऑस्कर पुरस्कारों से नवाजा गया। 'ग्रैविटी" आपको फिल्म देखने का एक अलग अनुभव देती है, जिसे आप पहले कभी महसूस नहीं किया होगा।
सांद्रा बुलक और जॉर्ज क्लूनी की शीर्ष भूमिकाओं से सजी 'ग्रैविटी" में अंतरिक्ष दुर्घटना पर आधारित फिल्म हैं। तीन यात्री अपनी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर हुई गड़बड़ी को दूर करने पहुंचते हैं।
इसी बीच उनका सामना तेज रफ्तार अंतरिक्ष में तेज गति से बह रहे कचरे से होता है, जिसके चलते डॉ. रेयान स्टोन बनीं सांद्रा अपने दो साथियों को खो देती हैं। इनमें से एक लेफ्टिनेंट मैट कोवॉल्स्की बने जार्ज क्लूनी होते है। आईएसएस और चीन का स्पेस स्टेशन तबाह हो जाता है। पृथ्वी से डॉ. रेयान स्टोन का संपर्क टूट जाता है। आगे की कहानी डॉ. रेयान के पृथ्वी पर अकेले अपने दम पर पहुंचने की कहानी है।
'ग्रैविटी" के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का ऑस्कर जीतने वाले अल्फांसो कुआरॉन ने जिस तरीके से इसे फिल्माया है वह कमाल है। हादसे के वक्त 3डी इफेक्ट इस फिल्म को जीवंत कर देते है। इतने जीवंत कि हडि्डयों में सिहरन दौड़ जाती है।
'ग्रैविटी" पहली ऐसी फिल्म है, जिसे मैंने अंग्रेजी की बौद्धिक तंगी के बावजूद अंग्रेजी भाषा में थियेटर में पिछले साल देखी थी। अंग्रेजी सबटाइटल की वजह से इसे समझना मेरे लिए काफी आसान रहा, वरना ये अमेरिकी बहुत जल्दी में होते हैं और इतनी जल्दी-जल्दी बोलते हैं कि सब ऊपर से निकल जाता भाई!
इसके बाद मैंने मार्टिन स्कॉरसीज निर्देशित फिल्म 'वुल्फ ऑफ वॉल स्ट्रीट" देखी। यह ब्लैक कॉमेडी बॉयोपिक अमेरिकी शेयर ब्रोकर जॉर्डन बेलफोर्ट के जीवन पर आधारित होती है। 'टायटेनिक" फेम लियोनार्डा दी कैप्रियो ने बेलफोर्ट के किरदार में जान डाल दी है। यह फिल्म ऑस्कर में पांच श्रेणियों में नामांकित थी, हालांकि इसे कोई पुरस्कार नहीं मिल सका।
इसके बाद जो फिल्म देखी उसका नाम है डेविड ओ रसल निर्देशित 'अमेरिकन हसल"। बैटमैन का किरदार निभा चुके क्रिश्चियन बेल, एमी एडम्स, जेनिफर लॉरेंस, ब्रैडली कूपर और जेरेमी रेनर की भूमिकाओं से सजी यह फिल्म अमेरिकी खुफिया एजेंसी के एक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित है, जो माफिया और राजनीतिज्ञों के गठजोड़ का उजागर करता है।
इस फिल्म को 10 श्रेणियों में ऑस्कर नामांकन मिला मगर यह फिल्म किसी श्रेणी में विजेता नहीं रही। निर्देशक डेविड ओ रसल पिछले साल भाग्यशाली रहे थे। पिछले साल ब्रैडली कूपर और जेनिफर लॉरेंस के अभिनय से सजी उनकी फिल्म 'सिल्वर लाइनिंग्स प्लेबुक" के लिए लॉरेंस ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता था।
इंदौर इस मायने में खास है कि यहां किसी भी हाल में इक्का-दुक्का शो के साथ हॉलीवुड की अच्छी फिल्में थियेटर तक जरूर पहुंच जाती हैं। इस दौड़ में सत्यम सिनेमा थियेटर सबसे आगे है। सत्यम की कोशिश रहती है कि ऐसी फिल्म दर्शकों तक जरूर पहुंचाए भले ही एक हफ्ते के लिए।
इस हफ्ते 'डलास बायर्स क्लब" सत्यम में लग चुकी है। इस फिल्म के का मुख्य किरदार एक एड्स पीड़ित है, जो दवाइयां चुराकर अपने जैसे मरीजों की मदद करता है। इस किरदार के लिए अभिनेता मैथ्यू मैक्कॉनेघी को सर्वश्रेष्ट अभिनेता का ऑस्कर मिला। इसी फिल्म के लिए जैरेड लैटो का सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता के पुरस्कार से नवाजा गया। ओह गॉड! कितना लिख दिया... चलिए बहुत हो गया अब मुझे भी चलना चाहिए शायद 'डलास बायर्स क्लब" मेरा इंतजार कर रहा है।
'ग्रैविटी": विज्ञान, तकनीक और संगीत का संगम
1. सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: अल्फांसो कुआरॉन
2. सर्वश्रेष्ठ संगीत: स्टीवन प्राइस
3. सर्वश्रेष्ठ विजुअल इफेक्ट्स: नील कॉरबॉल्ड, टिम वेबर, डेविड शिर्क और क्रिस लॉरेंस।
4. सर्वश्रेष्ठ फिल्म संपादन: अल्फांसो कुआरॉन और मार्क सैंगर।
5. सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी: इमानुएल लुबेज्की
6. सर्वश्रेष्ठ साउंड: क्रिस्टोफर बेउस्टीड, नीव एदीरी, स्किप लिवसे और क्रिस मुनरो।
7. सर्वेश्रेष्ठ साउंड एडिटिंग: ग्लेन फ्रीमेंटल


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