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रेडियो कभी नहीं मरेगा: अमीन सयानी

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निवेदिता (आईएएनएस) ।   प्रख्यात रेडियो प्रस्तोता और उद्घोषक अमीन सयानी का मानना है कि सस्ते, सहज सुलभ और खूबसूरत माध्यम के रूप में रेडियो हमेशा मौजूद रहने वाला है, यह कभी नहीं मरेगा।   ऑल इंडिया रेडियो के चर्चित कार्यक्रम ‘बिनाका गीतमाला’ के प्रस्तोता के रूप में पहचानी जानी वाली लोकप्रिय मखमली आवाज के मालिक अमीन कहते हैं कि आज म्यूजिक प्लेयर और आईपॉड जैसे डिजिटल उपकरणों के आ जाने के बाद भी रेडियो का अस्तित्व पहले की तरह कायम है, इसकी लोकप्रियता को कोई खतरा नहीं है।  रेडियो जगत के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए अमीन ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि रेडियो के अस्तित्व को कभी भी खतरा होगा।” एफआईसीसीआई-केपीएमजी मीडिया एंड एंटरटेंमेंट रिपोर्ट 2014 के मुताबिक 2013 में रेडियो सुनने वालों की संख्या में 12 से 14 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।  अमीन (81) ने फोन पर हुई विशेष बातचीत में कहा, “कार्यक्रमों की लोकप्रियता निश्चित तौर पर प्रस्तोता और उपभोक्ता पर निर्भर करती है। रेडियो पर कई बेहतरीन कार्यक्रम आते हैं, जिन पर कभी भी आपका समय बर्बाद नहीं होगा। रेडियो ही वह माध्य...

हम चीज़ हैं बड़े काम की, यारम...

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हम चीज़ हैं बड़े काम की, यारम हमें काम पे रख लो कभी, यारम हम चीज़ हैं बड़े काम की, यारम हो सूरज से पहले जगाएंगे... और अखबार की सब सुर्खियां हम गुनगुनाएंगे... पेश करेंगे गर्म चाय फिर कोई खबर आई ना पसंद तो एंड बदल देंगे... हो मुंह खुली जम्हाई पे हम बजाएं चुटकियां धूप ना तुमको लगे खोल देंगे छतरियां पीछे-पीछे दिन भर घर दफ्तर में ले के चलेंगे हम... तुम्हारी फाइलें, तुम्हारी डायरी गाड़ी की चाभियां, तुम्हारी ऐनकें तुम्हारा लैपटॉप, तुम्हारी कैप, फोन और अपना दिल, कंवारा दिल... प्यार में हारा, बेचारा दिल... ये कहने में कुछ रिस्क है, यारम नाराज ना हो, इश्क है, यारम हो रात सवेरे शाम या दोपहरी बंद आंखों में लेके तुम्हें ऊंघा करेंगे हम... तकिए चादर महकते रहते हैं जो तुम गए... तुम्हारी खुशबू सूंघा करेंगे हम... ओ... जुल्फ में फंसी हुई खोल देंगे बालियां... कान खिंच जाएं अगर खा लेंगे मीठी गालियां... चुनते चलें पैरों के निशां कि उन पर और ना पांव पड़ें... तुम्हारी धड़कनें, तुम्हारा दिल सुने तुम्हारी सांस सुने, तुम्हारी कंपकंपी ना गजरे बुने, जूही, मोगरा तो कभी दिल...

एक रात में तैयार हुआ 'द अमेजिंग स्पाइडरमैन' का हिंदी गीत, मैं हूं...

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जब बात हिन्दी फिल्मों की हो तो भइया बिना गाने के काम नहीं चलने वाला है। गाना बहुत जरूर होता है और यह बात अब हॉलीवुडिया निर्देशक भी समझने लगे हैं। तो खबर ये है कि हॉलीवुड फिल्म 'द अमेजिंग स्पाइडरमैन" का हिंदी प्रमोशनल गीत जारी हो चुका है और जारी होने के साथ ही सोशल मीडिया पर धूम मचा दिया है। मैं हूं... नाम का ये गान फिल्म के हिन्दी वर्जन में नजर आएगा। अमेजिंग स्पाइडरमैन से पहले जब स्पाइडरमैन 'अमेजिंग' नहीं बना था तब इस फिल्म के सीक्वल (2004 में रिलीज फिल्म जिसमें टोबी मैग्वायर स्पाइडरमैन बने थे।) में पाकिस्तानी बैंड स्ट्रिंग्स ने ना जाने क्यों... नाम का गाना गया था। इस गीत को भारतीय बैंड 'सनम' ने तैयार किया है। यह बैंड फिल्म इंडस्ट्री के लिए भले ही नया है लेकिन इसके प्रमुख गायक सनम पुरी 'इश्क बुलावा" और 'धत्त तेरे की" जैसे लोकप्रिय गीत गा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि सनम ने इस गीत को अपने भाई व बैंड के गिटारिस्ट समर पुरी  के साथ महज एक रात में तैयार किया है। समर ने बताया, उन्हें सोनी म्यूजिक की तरफ से फोन आया। उन्हें द अमेजिंग स...

धड़कनें...

धड़कनें ये तेज सी चलें बेचैनियां ये बढ़ रहीं... रहीं... सुन लो या खुद ही जान लो...